मोदी की गारंटी लागू करने की मांग तेज, मितानिन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

रायपुर। प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए वादों को शीघ्र लागू करने की मांग की है। ज्ञापन में मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन, मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि तथा निजी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से संचालन समाप्त करने की मांग उठाई गई है।

संघ ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा पत्र में मितानिन कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत वृद्धि और एनएचएम के अंतर्गत संविलियन का वादा किया गया था। लेकिन अब तक इन घोषणाओं पर अमल नहीं होने से कर्मचारियों में असंतोष है। साथ ही आरोप लगाया गया है कि मितानिन कार्यक्रम के संचालन का कार्य निजी संस्था (एनजीओ) को सौंपे जाने से प्रदेशभर के मितानिन कर्मियों में निराशा व्याप्त है।

प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ का कहना है कि मितानिन कार्यक्रम में मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं कार्यरत हैं। ऐसे में एनएचएम में संविलियन होने से उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मजबूत होगी तथा प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा। संघ ने यह भी मांग की है कि करीब 24 वर्षों के अनुभव को देखते हुए मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर को एनएचएम संविलियन में शिक्षा, आयु एवं रोस्टर संबंधी प्रावधानों में एकमुश्त (वन टाइम) छूट प्रदान की जाए।

ज्ञापन में प्रमुख मांगें

  • वर्ष 2023 के चुनावी घोषणा पत्र के अनुरूप मितानिन, मितानिन प्रशिक्षक, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर एवं ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) में संविलियन किया जाए।
  • चुनावी वादे के अनुसार संबंधित कर्मचारियों के मानदेय/क्षतिपूर्ति में 50 प्रतिशत वृद्धि लागू की जाए।
  • मितानिन कार्यक्रम का संचालन निजी संस्था (एनजीओ) के माध्यम से न कराकर ठेका व्यवस्था समाप्त की जाए।

ज्ञापन की प्रतिलिपि स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के आयुक्त-सह-मिशन संचालक तथा उप संचालक (एआरसी) को भी प्रेषित की गई है।

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